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घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड पर फिर एक भीषण सड़क हादसा : पिता समेत तीन बच्चों की मौत!

मौत का तमाशा देख रहा है मुम्बई परिवहन विभाग, शिवाजीनगर पुलिस और महाराष्ट्र सरकार!

दि. 14 जून, शनिवार की दोपहर, मुम्बई के शिवाजीनगर सिग्नल पर एक और दिल दहला देने वाला, अत्यन्त दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें पिता समेत तीन मासूम बच्चों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी।

घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड पर एक बेकाबू डम्पर ट्रक ने स्कूटी से सड़क पार कर रहे चार यात्रियों को कुचल दिया, जिससे चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी। वहीं एक अन्य व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल है और अस्पताल में जीवन-मृत्यु के बीच झूल रहा है।

टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कूटी पर सवार चारों लोग डम्पर के पहियों के नीचे आ गए और बुरी तरह कुचले गए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, डम्पर घाटकोपर की ओर से अत्यधिक गति में आ रहा था और शिवाजी नगर सिग्नल पर चालक ने पूरी तरह से नियंत्रण खो दिया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी तनाव फैल गया। सैकड़ों लोग वहाँ इकट्ठा हो गए, जिन्होंने गुस्से में आकर न केवल डम्पर को घेरा, जिसके बाद चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, परन्तु स्थिति को नियंत्रित करने की बजाय, उन्होंने गुस्से से भरी भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। यह लाठीचार्ज पुलिस की विफलता को छुपाने की कोशिश थी।

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में मुम्बई में कई दर्दनाक दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। जैसे मुम्ब्रा स्टेशन के पास भीड़भाड़ में लोकल ट्रेन से गिरकर चार यात्रियों की मौत, और रफ़ी नगर में एक पैदल यात्री की बेस्ट बस से कुचले जाने की घटना। अब घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड, विशेषकर मानखुर्द टी-जंक्शन और शिवाजी नगर सिग्नल, फिर से एक “हत्यारी सड़क” में तब्दील हो चुकी है, जिसे लेकर मानखुर्द-गोवंडी क्षेत्र में जनता और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता लगातार सवाल उठा रहे हैं और आवाज़ बुलन्द कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन हाथ पर हाथ रखे सड़क दुर्घटनाओं में जनता के मौत का तमाशा देख रहा है।

मुम्बई ट्रैफिक पुलिस की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, यह हिस्सा ‘हाई-रिस्क ब्लैक स्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया गया है। जहाँ प्रति किलोमीटर सबसे ज़्यादा मौते होती हैं। इसके बावजूद, न यहाँ ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती है, न पर्याप्त सिग्नलिंग, न स्पीड कंट्रोल, और न ही पैदल यात्रियों के लिए कोई सुरक्षित रास्ता उपलब्ध है। जिसका नतीजा लोगों को अपनी जान गँवानी पड़ रही है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि फ्लाईओवर तो बना दिया गया, लेकिन भारी वाहनों को ऊपर भेजने की बजाय ट्रैफिक पुलिस उन्हें नीचे की सड़क से ही गुजरने देती है। इसके अतिरिक्त, सड़क के दोनों ओर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के चलते रास्ता बेहद संकरा हो गया है, जिससे हर दिन की यातायात और दुर्घटनाएँ और अधिक खतरनाक बनती जा रही हैं।

शिवाजी नगर सिग्नल जैसे आवश्यक पॉइंट पर ट्रैफिक पुलिस का नाममात्र का अस्तित्व है, जबकि मुम्बई के अन्य वीआईपी इलाकों में पुलिस की हर समय उपस्थिति रहती है। शिवाजी नगर और बैगनवाड़ी जैसे ग़रीब इलाकों में यह नीतिगत भेदभाव और वर्ग-आधारित प्राथमिकता लोगों के आक्रोश को और भी गहरा करती है। जो इस घटना में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।

मानखुर्द-गोवंडी और मुम्बई में लगातार हो रही ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं के लिए सिर्फ़ डम्पर चालक को दोषी ठहराना नाकाफ़ी है। इस ख़ून की जिम्मेदारी पूरी शासकीय यंत्रणा, परिवहन विभाग, स्थानीय पुलिस, लोकप्रतिनिधि और राज्य सरकार पर है। क्योंकि यह सिर्फ़ सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि नीतिगत हत्याएँ हैं।

भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI) निम्नलिखित ठोस माँगें करती है।

  • बढ़ती दुर्घटनाओं के कारणों की तत्काल न्यायिक जाँच कर दोषियों पर सक्त कार्रवाई की जाए।
  • घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड पर स्पीड लिमिट की कमी की जाए।
  • सड़क का डिज़ाइन बदलकर पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित बुनियादी ढाँचा तैयार किया जाए।
  • सभी मृतकों के परिवारों को तत्काल, पर्याप्त और सम्मानजनक मुआवज़ा प्रदान किया जाए।
  • ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था लागू करते हुए अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख़्त कार्रवाई की जाए।
  • शिवाजी नगर, इंडियन ऑयल नगर, टी-जंक्शन जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त तैनाती की जाए।
  • मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बेहतर किया जाए।

भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI)
सम्पर्क – 9619039793